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निगमायुक्त बोले – सफाई को चैलेंज की तरह लिया: 38 मिनट में राजवाड़ा को कर दिया साफ, शहरवासियों का मिलता है सहयोग
परिचय
इंदौर, जिसे देश का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता है, एक बार फिर अपनी सफाई व्यवस्था के कारण सुर्खियों में है। नगर निगम ने राजवाड़ा क्षेत्र को महज 38 मिनट में पूरी तरह साफ कर दिखाया। इस उपलब्धि पर निगमायुक्त ने कहा कि सफाई को हमने एक चैलेंज की तरह लिया और इसमें शहरवासियों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
कैसे हुआ राजवाड़ा क्षेत्र की सफाई का चमत्कार?
नगर निगम की इस त्वरित सफाई का श्रेय सिस्टमैटिक प्लानिंग, आधुनिक उपकरणों और नगर निगम कर्मचारियों की मेहनत को दिया जा सकता है। आइए जानते हैं कि इस सफाई अभियान को इतने कम समय में कैसे पूरा किया गया:
- प्री-प्लानिंग और कोऑर्डिनेशन: नगर निगम ने सफाई से पहले रणनीति तैयार की और कर्मियों को स्पष्ट जिम्मेदारियां दीं।
- आधुनिक सफाई उपकरणों का इस्तेमाल: मशीनों और आधुनिक तकनीकों की मदद से सफाई तेजी से की गई।
- बड़ी संख्या में सफाईकर्मी तैनात: करीब 100 से अधिक सफाईकर्मियों को इस कार्य में लगाया गया।
- कचरा उठाने और निस्तारण की त्वरित व्यवस्था: सफाई के तुरंत बाद कचरे को ट्रकों के माध्यम से डंपिंग ग्राउंड भेजा गया।
नगर निगम का विजन: सफाई में इंदौर नंबर 1
इंदौर लगातार स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर 1 स्थान पर बना हुआ है। नगर निगम का उद्देश्य न केवल यह स्थान बनाए रखना है बल्कि सफाई को शहर के हर हिस्से तक पहुंचाना है।
निगमायुक्त के प्रमुख बिंदु:
- सफाई केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है।
- सफाई कार्यों में जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- हर इलाके में रात और सुबह की सफाई व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
- डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।
शहरवासियों की भागीदारी और जागरूकता
नगर निगम की सफलता में शहरवासियों की भागीदारी अहम भूमिका निभा रही है। इंदौर के लोग सफाई को गंभीरता से लेते हैं और कचरा फैलाने के बजाय सही तरीके से कचरा निपटान पर ध्यान देते हैं।
शहरवासियों के प्रयास:
✔ घरों से कचरा अलग-अलग देना (गीला और सूखा कचरा)।
✔ प्लास्टिक का कम उपयोग करना।
✔ सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकना।
✔ स्वच्छता अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेना।
राजवाड़ा सफाई अभियान की मुख्य विशेषताएं
✅ 38 मिनट में सफाई पूरी – रिकॉर्ड समय में सफाई संपन्न।
✅ 100+ सफाईकर्मी शामिल – एक टीम वर्क का बेहतरीन उदाहरण।
✅ मशीनों और आधुनिक उपकरणों का उपयोग – सफाई को अधिक प्रभावी और तेज बनाने के लिए।
✅ निगमायुक्त का नेतृत्व – खुद मौजूद रहकर सफाई कार्य की निगरानी।
निष्कर्ष
इंदौर नगर निगम ने फिर से यह साबित कर दिया कि सही योजना और जनता के सहयोग से तेजी से और प्रभावी सफाई संभव है। राजवाड़ा की सफाई को 38 मिनट में पूरा करना एक नया रिकॉर्ड है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इंदौर की सफाई व्यवस्था देश के लिए एक मिसाल है। अगर इसी तरह शहरवासी सहयोग देते रहे, तो इंदौर आने वाले वर्षों में भी स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर 1 बना रहेगा।
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