मध्य प्रदेश
इंदौर में दिन का तापमान रात के बराबर,ग्वालियर सबसे ठंडा,रतलाम, उज्जैन, शाजापुर में स्कूलों की छुट्टी…
मध्यप्रदेश के कई जिलों में आज भी बादल हैं। कुछ जगह सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई। रातभर कई जिलों में तेज पानी गिरा। प्रदेश में ग्वालियर की रात सबसे ठंडी रही। यहां गुरुवार रात न्यूनतम तापमान गिरकर 9 डिग्री पहुंच गया। इंदौर में दिन और रात के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं है। गुरुवार को इंदौर 17.8 डिग्री तापमान के साथ प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। गुरुवार रात का पारा 14.9 डिग्री रहा। यानी करीब 2 डिग्री का ही अंतर है।
खराब मौसम की वजह से उज्जैन में नर्सरी से 8वीं तक के स्कूलों की आज छुट्टी घोषित की गई है। शाजापुर में भी आज 5वीं तक की छुट्टी घोषित की गई है। कलेक्टर दिनेश जैन ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। रतलाम में आंगनबाड़ी और प्राइवेट स्कूलों में प्री स्कूल क्लास (नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी) की 27 और 28 जनवरी को छुट्टी घोषित की गई है। शीतलहर के चलते कलेक्टर ने आदेश जारी किए हैं।
शुक्रवार को भोपाल-इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के 33 जिलों में बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार से प्रदेश में फिर एक सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इससे फरवरी के पहले सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहेगा। भोपाल शहर में पिछले 24 घंटे में 0.78 बारिश रिकॉर्ड हुई है।
मध्यप्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान ग्वालियर में 9.0 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। दतिया में यह 9.6 रहा। प्रदेश के बाकी जिलों में गुरुवार रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहा। सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान नर्मदापुरम में 17.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।
प्रदेश में 24 जनवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है। इसके चलते 28 जनवरी तक प्रदेश के कई शहरों में बारिश हो रही है। शुक्रवार को भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, ग्वालियर, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, गुना, मुरैना, श्योपुर, भिंड, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर और टीकमगढ़ में कहीं-कहीं तेज बारिश होगी। इनके अलावा इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम, धाम, शाजापुर, नरसिंहपुर और जबलपुर में भी बारिश की संभावना है।
वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ (WD) उत्तरी पाकिस्तान/अफगानिस्तान क्षेत्र में निम्न-मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic circulation) के रूप में सक्रिय है, जबकि प्रेरित चक्रवातीय परिसंचरण (Induced Cyclonic Circulation) पंजाब के ऊपर और पंजाब, पूर्वी राजस्थान और मध्यप्रदेश से होते हुए विदर्भ तक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके चलते 28 जनवरी से अगले पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना बनी हुई है।
साल 2015 में भोपाल में 25 जनवरी, 26 जनवरी और 27 जनवरी को लगातार तीन दिन तक पानी गिरा था। 25 और 26 जनवरी को तो 2-2 मिलीमीटर, जबकि 27 जनवरी को हल्की रिमझिम हुई थी। 2017 में न्यूनतम तापमान सबसे अधिक रहे थे। 2022 में 25 जनवरी से लेकर 27 जनवरी तक रात का पारा 6 डिग्री सेल्सियस तक था। दिन का पारा भी 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा था।
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